यदि किसी जातक का जन्म पुनर्वसु, विशाखा या पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में जन्म हुआ है उनका अनुरक्त ग्रह सूर्य बनता है| इन जातकों ने पूर्व जन्म में काफी हद तक ज्ञान प्राप्त हो चुका था | ये पिछले कई जन्मों से इस मार्ग पर चल रहे थे |
ये अपने सांसारिक दायित्व का पालन भी कर रहे थे और आध्यात्मिक जगत में भी काम कर रहे थे | पर ये अपने ऋणानुबन्धनों को समाप्त करने से चूक गए | कारण कुछ भी हो सकता है साधन कम पड़ गया हो या समय कम पड़ गया हो | इन जातको में स्वभाव में बड़प्पन या जिम्मेदारी का भाव होता है |
ये लोग थोड़ी सी मेहनत करके परमधाम की ओर जा सकते हैं |