राहु और गुरु की युति
यदि किसी जातक की कुंडली में गुरु और राहु की युति होती है तो यह युति गुरु चांडाल योग का निर्माण करती है|
यह योग जिस भाव में फलीभूत होता है उस भाव के शुभ फलों में यह कमी करता है| छात्रों को पढाई में संघर्ष करवाता है| ऐसे जातक के चरित्र पर दाग लगते रहते हैं| ऐसे जातको को जीवन में संघर्ष बहुत करना पड़ता है| इन्हे गलत निर्णयों के कारण नुकसान उठाना पड़ता है| इनकी प्रतिष्ठा पर भी आंच आने की सम्भावना रहती है| इनके वैवाहिक जीवन में उथल पुथल की सम्भावना रहती है|
इन जातको को सदैव अपने से बड़े लोगों का सम्मान करना चाहिए| किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पूर्व अपने अग्रजों से सलाह लेनी चाहिए| "ॐ रां राहवे नमः" मन्त्र का जाप करना चाहिए|